Bhoochari Mudra कैसे करते है? | भूचरी मुद्रा के लाभ

दोस्तों आज का लेख भूचरी मुद्रा (Bhoochari Mudra) के बारे में है। इस लेख में आप जान पायेंगे कि भूचरी मुद्रा क्रिया योग करने की विधि एवं लाभ क्या है? तो चलिए शुरू करते है –

भूचरी मुद्रा – Bhoochari Mudra in hindi

यह मुद्रा त्राटक का ही एक रूप है। Bhoochari Mudra का अभ्यास ध्यान की तैयारी के लिए किया जाता है। आप इसे ध्यान के रूप में भी इसे कर सकते है। भूचरी मुद्रा धारणा को सिद्ध करने वाले विधियों में से एक है। यह नासिकाग्र दृस्टि और शाम्भवी मुद्रा से जुड़ी हुई मुद्रा है।

भूचरी मुद्रा करने की विधि – Bhoochari Mudra Steps in Hindi

  • सबसे पहले ध्यान के किसी आसन जैसे- सुखासन, पद्मासन या वज्रासन में आराम से बैठ जाये।
  • अपने सिर और मेरुदण्ड को सीधा रखें।
  • दोनों हाथों को घुटनों पर रखें।
  • अब ज्ञान मुद्रा या चिन मुद्रा को लगा ले।
  • आँखों को बन्द कर गहरी श्वसन करे और पुरे शरीर को शिथिल करें।
  • अब आखों को खोल कर, अपने दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर मुँह के सामने तक ले आइए।
  • कोहनी शरीर के बगल में रहेगी।
  • अब अपनी हाथ के सभी उँगलियों को एक साथ रखते हुए हथेली को जमीन के समानान्तर रखें।
  • आपका अंगूठा ऊपरी होंठ के ऊपरी भाग को छूता हुआ रहना चाहिए।
  • अब अपनी को कनिष्ठा उंगली के पोर पर केंद्रित कर के रखे।
  • लगातार एक मिनट तक एकटक बिना पलक को झपकायें हुए देखते रहे।
  • अपना फोकस निरंतर कनिष्ठा उंगली के पोर पर बनाये रखें।
  • एक मिनट के बाद हाथ को निचे कर ले, परन्तु शून्य में उसी स्थान पर दृष्टि को एकाग्र रखें जहाँ पर कनिष्ठा उंगली थी।
  • पूरी क्रिया में आखों को न झपके।
  • शून्यता के इस बिंदु में पूरी तरह तल्लीन हो जायें।
  • साथ साथ मन में चल रहे विचार प्रक्रियाओं के प्रति भी सजग रहना है।
  • आपको केवल शून्याकाश के प्रति सजग रहना है। बाहरी किसी भी घटनाओं के प्रति कोई बोध नहीं होना चाहिए।
  • इसी तरह 5 से 10 मिनट तक अभ्यास जारी रखें।

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भूचरी मुद्रा की सीमायें – Contraindications of Bhoochari Mudra in Hindi

इसमें निम्नांकित तथ्यों का ध्यान रखना आवश्यक है –

1- ग्लूकोमा से पीड़ित लोगों को इस मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

2- डायबिटिक रेटिनोपैथी वाले या जिनकी अभी-अभी मोतियाबिंद सर्जरी, लेंस इम्प्लांट या अन्य नेत्र ऑपरेशन हुआ है, उन्हें भूचरी मुद्रा नहीं करनी चाहिए।

3- हमेशा भूचरी मुद्रा को सक्षम शिक्षक के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।

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भूचरी मुद्रा करने के फायदे – Bhoochari Mudra benefits in Hindi

Bhoochari Mudra को करने के कई फायदे है। कहा जाता है कि इस मुद्रा के अभ्यास से एकाग्रता और स्मरण शक्ति विकसित होती है। यह मन को शांत और अंतर्मुखी बनाता है। Bhoochari Mudra क्रोध को शांत करती है।

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भूचरी मुद्रा करने के शारीरिक लाभ – Bhoochari physical benefits in Hindi

  • शारीरिक स्तर पर भूचरी मुद्रा, आँखों की पेशियों को मजबूत बनती है।
  • यह आँखों के आस पास के क्षेत्रो के तनाव को दूर करती है।
  • यह मुद्रा आखों की मृत कोशिकाओं को पुर्नजीवित करने में काफी मदद करता है।
  • भूचरी मुद्रा के अभ्यास से आंखों से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • भूचरी मुद्रा का नियमित अभ्यास करते है, तो यह आपके उम्र को काफी लंबा कर देता है।
  • यह मुद्रा आपको लंबी उम्र का वरदान देता है।
  • इस मुद्रा को करने से हमारे शरीर में नए न्यूरॉन (Neuron) उतपन्न होते है। जो हमे रोगो से छुटकारा दिलाने में मदद करते है।
  • भूचरी मुद्रा को करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।

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भूचरी मुद्रा करने के मानसिक लाभ – Bhoochari mental benefits in Hindi

  • मानसिक स्तर पर भूचरी मुद्रा, भवनात्मक तनाव और क्रोध को दूर कर मन को शांत करता है।
  • इसका नियमित अभ्यास से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है।
  • यह मुद्रा मानसिक स्थिरता और विचार शून्यता की अवश्था लाती है।
  • भूचरी मुद्रा का नियमित अभ्यास पियूष ग्रंथि के ह्रास को रोकता है।
  • बच्चों के भावनात्मक विकास (जिनकी उम्र 8 वर्ष से ऊपर है) को संतुलित करने के लिए बहुत ही अच्छा अभ्यास है।

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भूचरी मुद्रा करने के आध्यात्मिक लाभ – Bhoochari Mudra spiritual benefits in Hindi

  • इसका अभ्यास आज्ञा चक्र को कम समय में खोलने का सबसे असरदार तरीका है।
  • भूचरी मुद्रा का नियमित अभ्यास आपके आज्ञा चक्र को सक्रिय करता है।
  • आज्ञा चक्र जागृत होने पर हमारे अंदर सोई हुई शक्तियों जागरण होता है।
  • यह जागृत शक्तिया आध्यात्मिक क्रियाओं को मजबूत बनाती है।
  • भूचरी मुद्रा का नियमित अभ्यास से मानसिक शक्तिया काफी सक्रिय हो जाती है।
  • जिससे आप अपने मस्तिष्क क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल कर सकते है।

भूचरी मुद्रा करने के नुकसान – Bhoochari Mudra side effect in Hindi

अगर Bhoochari Mudra को ठीक से न किया जाये तो फायदे की जगह पर नुकसान भी हो सकता है। जिसके बारे में जानना बेहद जरूरी है। भूचरी मुद्रा का सीधा असर हमारे मस्तिष्क और आखों के ऊपर पड़ता है। कभी कभी इस मुद्रा को करने से हमारे मस्तिष्क और आखों में तेज दर्द की समस्या भी होने लगती है। इसलिए इस मुद्रा का अभ्यास ध्यानपूर्वक और धीरे धीरे करना चाहिए।अगर जोर जबरजस्ती किया गया तो आँखों को भरी नुकसान पहुंच सकता है। साथ में मानिसक क्षति भी पहुंच सकती है। इसी लिए भूचरी मुद्रा का अभ्यास किसी योग्य योग शिक्षक के देख रेख में ही करनी चाहिए।

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